श्रीमद जगद्गुरु रामानुजाचार्य स्वामी वासुदेव आचार्य जी महाराज (विद्या भास्कर) जी के मुखारविंद से कीजिए श्रीमद्भागवत का श्रवण अब वृंदावन में

गौरी गोपाल आश्रम श्री धाम वृंदावन में आज से प्रारंभ हुई श्रीमद् भागवत कथा का रसपान श्रीधाम अयोध्या से पधारे अनंतश्री समलंकृत श्री अयोध्या कौशलेष सदन पीठाधीपति श्रीमद जगद्गुरु रामानुजाचार्य स्वामी वासुदेव आचार्य जी महाराज (विद्या भास्कर) जी करा रहे हैं और परम् पूज्य श्री अनिरुद्धाचार्य जी महाराज कथा के मुख्य यजमान बन कथा का श्रवणपान कर रहे हैं । आज प्रथम दिवस की पावन कथा के शुभारंभ में ही पूज्य स्वामी जी ने कर्म की प्रधानता के विषय में चर्चा करते हुए बताया कि हम अगर श्रद्धा, विश्वास और भाव के साथ कार्य के प्रति सच्चे समर्पण होकर कार्य करते हैं तो वही कार्य आपको महान तो बनाता है ही साथ ही ईस्वर से भी जोड़ देता है । आप कर्म करते हुए दुनिया के लोगों की नजर से बच भी सकते हैं परंतु ईस्वर की नजर से नही बच सकते । इसलिए कर्म करते वक़्त ये ख्याल रहे कि सर्वगुण सम्पन्न वो ईस्वर हरपल आप पर नजर रखे हैं । बस आप अपनी पूर्ण निष्ठा के साथ प्रभु को अपना कर्म समर्पण करते हुए जीवन जीते चलो । कभी ना कभी तो आप पर ईस्वर कृपा जरूर करेंगे ।
ऐसे ही मधुर प्रसंग और भावमय आरती के साथ आज की पावन कथा का विश्राम हुआ । कथा के मध्य श्री अनिरुद्धाचार्य जी महाराज जी सपरिवार उपस्थित रहे साथ ही भारत यादव एडवोकेट ,श्री व्यासनन्दन जी महाराज, वासुदेव जी, राहुल दुबे जी, ओमप्रकाश जी, श्रीराम शर्मा जी आदि उपस्थित रहें ।

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